जालौन

मोराई छठ के पर्व पर महिलाओं ने व्रत रखकर मुरलीमनोहर तालाब पर सूर्यदेव को दिया अर्घ्य

बबलू सेंगर महिया खास

जालौन। मोराई छठ के पर्व पर महिलाओं ने व्रत रखकर संतान प्राप्ति एवं संतान की लंबी आयु की कामना की। महिलाओं ने नगर में स्थित ऐतिहासिक मुरलीमनोहर तालाब पर सूर्यदेव को अर्घ्य दिया।
नव विवाहिता महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए एवं जिन महिलाओं के संतान हैं वह अपनी संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए मोराई छठ का व्रत व पूजा अर्चना करती हैं। पंडित देवेंद्र दीक्षित बताते हैं कि धर्मग्रंथों के अनुसार भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मोराई छठ का व्रत रखा जाता है। मोराई छठ पर मुख्य रूप से भगवान सूर्यदेव की पूजा की जाती है। भविष्योत्तर पुराण के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान, सूर्याेपासना, जप एवं व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं। जब तक सूर्य देवता प्रत्यक्ष रूप से दिखाई न दें, तब तक सूर्य उपासना नहीं करना चाहिए। इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरें और चावल, फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। सूर्यदेव की पूजा के बाद एक समय फलाहार करें। नगर में स्थित ऐतिहासिक मुरलीमनोहर तालाब पर महिलाओं ने संतान प्राप्ति एवं संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए तालाब से जल लेकर सूर्य को अर्घ्य दिया तथा इस वर्ष घर में सम्पन्न हुए कन्या विवाह की मोर को गीत गाते हुए तालाब में विसर्जित किया गया।

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