जालौन

जन चौपाल बनी जनविश्वास का सेतु, योजनाओं की जानकारी से जागरूक हुए ग्रामीण

नोडल अधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने योजनाओं का लिया फीडबैक, पात्रों तक लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश

उरई (जालौन)। जनपद के विकड खण्ड जालौन के ग्राम पहाड़पुरा में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम उस समय जनभागीदारी का सशक्त मंच बन गया, जब उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी, सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के श्री इन्द्र विक्रम सिंह ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र लाभार्थियों को विस्तार से पढ़कर सुनाई और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लिया। जन चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन करते हुए नोडल अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचे। उन्होंने मौके पर ही स्थलीय सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया कि योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों को मिल रहा है या नहीं। उन्होंने सामाजिक सरोकार से जुड़े आयोजनों को भी महत्व देते हुए बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया तथा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कर उन्हें पौष्टिक आहार वितरित किया। इस पहल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश दिया। नोडल अधिकारी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा नागरिकों के जन्म से लेकर बुजुर्ग अवस्था तक समग्र कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके माध्यम से बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे बेटियों का भविष्य सुरक्षित हो रहा है। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और पोषण हेतु सहायता दी जा रही है, वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराया जा रहा है, जिसमें एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके अंतर्गत पात्र परिवारों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया जा रहा है, जिसके माध्यम से सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित न रहे।किसानों के हितों पर विशेष जोर देते हुए नोडल अधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता को रेखांकित किया और अपील की कि जिन किसानों की रजिस्ट्री नहीं बनी है, वे तत्काल इसे बनवाएं। उन्होंने बताया कि गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य किया जा रहा है, साथ ही खाद एवं अन्य कृषि योजनाओं का लाभ भी इसी के माध्यम से सीधे किसानों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए किसानों को कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वर्षा सामान्य से कम होने की संभावना है, ऐसे में जल बचत आधारित खेती अपनाना समय की मांग है, जिससे उत्पादन भी बेहतर होगा और संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। नोडल अधिकारी ने ग्रामीणों को ग्राम पंचायतों के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। यदि सभी ग्रामवासी मिलकर संकल्प लें और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें, तो गांव का समग्र विकास संभव है और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकता है। जन चौपाल के दौरान ग्रामवासी बालमुकुंद द्वारा कृषि फीडर पर कम बिजली आपूर्ति की शिकायत प्रस्तुत की गई। इस पर नोडल अधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर सत्यापन कराया। जांच में पाया गया कि कृषि फीडर पर निर्धारित 10 घंटे विद्युत आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है, जिससे शिकायत निराधार सिद्ध हुई। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि प्रशासन प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं तथ्यपरक निस्तारण सुनिश्चित कर रहा है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, उप जिलाधिकारी हेमन्त पटेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी निशांत पाण्डेय, खंड विकास अधिकारी प्रशांत कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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