
उरई विधानसभा क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने महिला आरक्षण के विरोध को लेकर जालौन-गरौठा-भोगनीपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद नारायण दास अहिरवार के उरई स्थित कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया तथा अपना आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि भारतीय महिलाओं को सदन में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने हेतु सदन में पारित महिला आरक्षण विधेयक का विपक्षी दलों द्वारा विरोध किया जाना महिलाओं के अधिकारों पर सीधा कुठाराघात है। अब तो विपक्षी दल भाजपा का विरोध करते-करते भारत की आधी आबादी महिलाओं के अधिकारों के विरोध में उतर आए हैं यह भविष्य में क्षम्य नहीं हो सकता। महिलाओं ने कहा कि जो राजनीतिक दल महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सहभागिता का विरोध करेंगे, उन्हें देश एवं प्रदेश की नारी शक्ति लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
महिलाओं ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी जनता इसका संदेश दे चुकी है तथा राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी भी इसके राजनीतिक परिणाम देख रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को भी महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने की अपनी भूल का एहसास देश की नारी शक्ति अवश्य कराएगी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ऊषा गुप्ता, रेखा वर्मा, शीतल सेंगर, मीनू मिश्रा, श्रद्धा सेंगर, संध्या चौहान, अनीता वर्मा, गरिमा पाठक, अनीता कठेरिया, उमा अहिरवार, नीतू राठौर, अनीता सोलंकी, अर्चना राठौर, प्रेमलता पाण्डेय, रंजना पाल, रजनी कुशवाहा, अर्चना प्रजापति, अनीता राठौर, सुमन, अर्चना शिवहरे, सुलक्षणा सहित सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया और अपना विरोध दर्ज कराया।
इस अवसर पर सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा, अशोक राठौर, विवेक कुशवाहा, पुष्पेंद्र सिंह सेंगर,
रामजी सिंह राजावत आकाश गहोई, दया शंकर यादव, पुनीत मित्तल, अमित निरंजन बाबूजी, राजेन्द्र मिश्रा, धीरेन्द्र सिंह जादौन, जगदीश तिवारी, सूर्य नायक, अजय राठौर, जय नारायण साहू, संदीप पांचाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित रहे।
महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की राजनीति स्वीकार नहीं की जाएगी और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।


