डॉ.अम्बेडकर माह का समापन, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
पूरे प्रदेश में स्थापित डॉ.अम्बेडकर प्रतिमाओं का सर्वेक्षण व सुन्दरीकरण की उठाई मांग

▪️डॉ.अम्बेडकर के सिद्धांतों पर चलेंगे तभी होगा अम्बेडकर का असली सम्मान – एड. कुलदीप बौद्ध
▪️जिले के 134 गाँव की मूर्तियों को सोंपी यथास्तिथि रिपोर्ट, डॉ. अम्बेडकर मूर्ति विकास योजना का ठीक से हो क्रियान्वयन
उरई(जालौन) : जिले में पूरे अप्रैल माह को डॉ अंबेडकर माह मनाने बाले सामाजिक संगठन – बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच एवं दलित सम्मान व न्याय केंद्र की टीम ने आज अंबेडकर माह के समापन पर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा, कलेक्ट्रेट पहुंची 14 सदस्यीय टीम जिसने पूरे जिले के 135 से अधिक गाँव में अंबेडकर माह के तहत डॉ. अंबेडकर जयंती – दलित सम्मान व न्याय सभा का आयोजन किया वही अंबेडकर जयंती के दिन पूरे जिले में डॉ अंबेडकर सम्मान यात्रा निकली गई थी।
आज यथास्तिथि रिपोर्ट के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर टीम साथी तहसील कोर्डिनेटर उरई प्रदीप कुमार, तहसील कोर्डिनेटर कोंच – सनेशराजा, तहसील कोर्डिनेटर जालौन – उषा देवी वे देबेन्द्र अनिल,तहसील कोर्डिनेटर माधौगढ़ – सचिन चौधरी, तहसील कोर्डिनेटर कालपी – अनीता व सुरेन्द्र सहित एड. निकहत प्रवीन, एड. अजय सिंह, एड. किरन मेहरा, अनुराधा बौद्ध, मधु अनुरागी, आयुष कुमार, प्रदुम्न, अनुज यादव आदि ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन पत्र में बताया की भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की 135वीं जन्म जयन्ती पर पूरे अप्रैल माह को डॉ. अम्बेडकर माह(दलित हिस्ट्री मंथ) के रूप में मनाया जिसके तहत 01 अप्रैल से 30 अप्रैल तक लगातार अलग अलग गाँव में डॉ. अम्बेडकर जयंती – दलित सम्मान व न्याय सभा के माध्यम से बड़े पैमाने पर समुदाय के लोगों को शिक्षित, संगठित व जागरूक करने का काम किया गया जहाँ बड़े पैमाने पर लोग इकठ्ठा हुए जयंती मनाई, भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ भी किया गया, इस दौरान कार्यक्रम में ही कुछ समुदाय के लोगों की व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं पर भी चर्चा हुई, उनका संकलन किया गया जैसे अभी भी समाज के बंचित तबके के परिवारों की सुगमता से सरकारी योजनाओं तक पहुँच न हो पाना जिले के विभिन्न गाँव में स्थापित डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा के बाहर गन्दगी का जमा होना, गाँव गली की नाली व रास्ते सही न होना आदि सामने आई,
वही टीम ने बताया की हम लोगों ने जिले के विभिन्न गाँव/पंचायतों में पहले से स्थापित डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा की यथास्तिथि का सर्वेक्षण भी किया, जिसमे जिले के 134 गाँव की सूचि तैयार की गयी जहाँ डॉ. अम्बेडकर की मूर्ति स्थापित है लेकिन वहां सुन्दरीकरण बहुत जरूरत है वही कुछ गाँव में डॉ. आंबेडकर की मूर्तियाँ गाँव में है लेकिन सही से स्थापित नहीं है कुछ न कुछ विवाद है एवं कुछ पंचायतों में डॉ. अम्बेडकर के नाम से कुछ सरकारी जमीन व ग्राम समाज की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्ज़ा कर रखा है जमीन सिर्फ कागजों में है लेकिन मौके पर नहीं दिखती है, ये सभी तथ्य ज्ञापन में शामिल किए है।
07 अप्रैल 2026 को माननीय मुख्यमंत्री जी दुवारा पुरे प्रदेश में “डॉ. अम्बेडकर मूर्ति विकास योजना” को मंजूरी दी गयी व 403 करोड़ रूपये भी जारी किया गया जो की स्वागत योग्य पहल है, कुलदीप कुमार बौद्ध(एडवोकेट – हाईकोर्ट) ने कहाँ की जब हम आप सब डॉ.अम्बेडकर के सिद्धांतों पर चलेंगे तभी वास्तव में अम्बेडकर जी का असली सम्मान होगा, इसके लिए हम आप सबको समुदाय के बीच निरंतर काम करने की जरूरत है
ज्ञापन पत्र की प्रमुख मांगे –
1 – पूरे प्रदेश में स्थापित डॉ.अम्बेडकर प्रतिमाओं का सर्वेक्षण कराया जाये व उसकी जिलाबार सूचि जारी की जाये |
2 – जनपद जालौन के 134 गाँव/पंचायतों की संलग्न सूचि – जहाँ पर डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित है उन पर छतरी, बाउड्रीवाल, सी.सी.टी.वी. कैमरा व हरियाली की व्यवस्था करते हुए जल्द से जल्द वहां सुन्दरीकरण का कार्य पूरा किया जाये |
3 – येसे गाँव जहाँ पर समुदाय के लोग अपने अपने गाँव में अपनी पंचायत के माध्यम से अपने गाँव,मुहल्ले में डॉ. अम्बेडकर की मूर्ति स्थापित करना चाहते है उन्हें आसानी से जिला प्राशासन की तरफ से अनुमति व स्वीकृति दी जाये व सम्मान पूर्वक डॉ. अम्बेडकर की मूर्ति की स्थापना करवाई जाये |



