
उरई(जालौन)अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहतमुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री ए० के० सिंह के निर्देशन में जनपद की फायर यूनिट कोंच/कालपी / जालौन के यूनिटो द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आग के संबंध में प्रचार प्रसार एवं पम्पलेट वितरित किये गये एवं मुख्य अग्निशमन अधिकारी जनपद जालौन के द्वारा ग्राम औता में ग्रामीणें को ग्रामीण क्षेत्र को आग के संबंध में जन जागरूक किया गया एवं पम्पलेट भी वितरित किये गये एवं निम्न जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि जलते हुये बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े को पैर से कुचलकर पूर्ण रूप से बुजाकर तब फेकिये। खलिहन, तालाब या अन्य पानी के साधनों के निकट लगाये। खलिहन के पास पानी के भरे घड़े व मिट्टी के ढेर तैयार रखिये। खलिहन व फूस के मकान रेलवे लाइन से कम से कम 100 फीट की दूरी पर होने चाहिये। बिजली की लाइन के नीचे एवं ट्रान्सफार्मर के पास खलिहन न लगाये और न फूस के छप्पर भी बनाइये। पुआल तथा कण्डों के पूर्ण रूप से सूख जाने पर निवास स्थान से कम से कम 100 फीट की दूरी पर ढेर रखे। गरम राख को पूर्ण रूप से ठंडा करके, अच्छा होगा कि किसी गड्ढे में फैके। रसई घर की छत टीन से बनाइये और यदि फूस की बनायें तो उसके अन्दर की ओर मिट्टी का लेप लगाये। गर्मी के दिनों में गाँव के सूखे तालाब को ट्यूबवेल या नहर के पानी से भर दें। ट्रैक्टर की चिंगारी से खलिहन को बचाइये। खेत में बचे हुए डन्ठल को न जलाइये, हवा चलने पर आग फैलने का खतरा रहता है एवं आग गाँव में भी फैल जाता है। थिरेसिंग करते समय एवं गेहूँ की कटाई करते समय डम्मों में पानी रखें।



