उरई

निर्माण कार्यों की प्रगति पर जिलाधिकारी ने लगाई फटकार लापरवाही करने पर होगी कार्यवाही

293 बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता व समयबद्धता पर जीरो टॉलरेंस

उरई(जालौन)। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में संचालित निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक कर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की कुल 293 परियोजनाओं की प्रगति का गहन समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी कार्यदायी संस्थाएं परियोजनाओं को समयबद्ध, गुणवत्ता पूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना के बैठक में अनुपस्थित रहने वाले परियोजना प्रबंधकों एवं अधिशासी अभियंताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने उ०प्र० प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन द्वारा कराए जा रहे जिला कारागार उरई, मेडिकल कॉलेज में 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट तथा तहसील उरई के अनावासीय भवन निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। संबंधित कार्यदायी संस्था के उच्चाधिकारियों को जवाबदेह ठहराते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। राजकीय निर्माण निगम द्वारा नर्सिंग कॉलेज निर्माण कार्य में विलंब पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित परियोजना प्रबंधक एवं अधिशासी अभियंता के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में उ०प्र० जल निगम (नगरीय) द्वारा संचालित जलापूर्ति योजनाओं, पुलिस आवास निगम द्वारा थाना रेंढर एवं थाना गोहन में बनाए जा रहे भवनों तथा राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ द्वारा ग्राम बंधा व गढ़ेला में गो-संरक्षण केंद्रों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कार्यों में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई और भविष्य में संबंधित संस्था को कार्य आवंटित न किए जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी नेहा ब्याडवाल, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित, बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी व कार्यदायी संस्था के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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