उरई

बैंकिंग व्यवस्था पर डीएम का सख्त एक्शन, ऋण वितरण में लापरवाही पर फटकार

डीसीसी-डीएलआरसी बैठक में 60% सीडी रेशियो का लक्ष्य तय, 2 दिन में शत-प्रतिशत ऋण वितरण के निर्देश

उरई(जालौन)। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में डीसीसी एवं डीएलआरसी की बैठक कर जनपद की बैंकिंग गतिविधियों एवं विभिन्न ऋण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि जनपद के 12 बैंकों का ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) अत्यंत कम है, जिसमें विशेष रूप से एसबीआई, पीएनबी एवं आईडीबीआई बैंक का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया। साथ ही किसानों को ऋण वितरण में भी अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही है। इस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक को कार्रवाई हेतु पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद का सीडी रेशियो राष्ट्रीय औसत 60 प्रतिशत तक लाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने हेतु अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए। साथ ही भारतीय स्टेट बैंक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा को इस क्षेत्र में प्रगति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सभी बैंक स्वरोजगार आधारित ऋण योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना में 1700 के लक्ष्य के सापेक्ष 1758 स्वीकृतियां एवं मात्र 1482 वितरण पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और समस्त बैंकों को 2 दिन के भीतर शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इसी क्रम में सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) के लंबित प्रकरणों पर भी जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई। समीक्षा में पाया गया कि इंडियन बैंक के 283, यूपी ग्रामीण बैंक के 147 तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 34 प्रकरण लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक प्रबंधकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण अगले ही दिन शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3526 करोड़ रुपये के वार्षिक क्रेडिट प्लान को अनुमोदित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली जनपद के आर्थिक विकास की रीढ़ है, सभी बैंक समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों, युवाओं एवं उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराएं।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, एलडीएम अनुराग सक्सेना, एजीएम आरबीआई ऋषव सक्सेना, सहायक प्रबंधक उद्योग शरद कुमार सिंह, आरसेटी निदेशक विवेकानंद सहित जनपद के समस्त बैंक प्रबंधक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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