उरई

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8 हजार से बढ़कर 12 हजार, सहायिकाओं को अब मिलेंगे 6 हजार

मा0 मुख्यमंत्री जी ने अयोध्या से किया मानदेय वृद्धि का ऐलान, जालौन में हुआ सजीव प्रसारण, उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सम्मानित

उरई(जालौन) । आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के लिए मंगलवार का दिन नई सौगात लेकर आया। मा0 मुख्यमंत्री जी ने अयोध्या की धरती से आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकत्री सम्मान समारोह में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में 4 हजार की बढ़ोतरी करते हुए 8 हजार से 12 हजार तथा सहायिकाओं के मानदेय में 2 हजार की वृद्धि करते हुए 4 हजार से 6 हजार किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही विभागीय ड्रेस के लिए साड़ी क्रय करने हेतु आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि भी भेजी गई, साथ ही 5 लाख तक की कैशलेस सुविधा से आच्छादित किया।
मा0 मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक घनश्याम अनुरागी, विधायक कालपी विनोद चतुर्वेदी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव, बाल विकास परियोजना अधिकारी उरई शहर एवं डकोर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विभागीय कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाओं ने रानी लक्ष्मीबाई सभागार, विकास भवन उरई सहित जनपद की सभी तहसीलों में किया गया देखा व उध्बोधन सुना। जनपद स्तरीय आंगनबाड़ी सम्मान समारोह में विभागीय कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली परियोजना डकोर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ममता, कमलेश, अर्चना एवं माया तथा परियोजना उरई शहर की श्वेता शर्मा, गायत्री राठौर, ब्रह्मा देवी, राबिया एवं अनामिका सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कुपोषण के खिलाफ जालौन की मुहिम को भी मजबूती मिली। जनप्रतिनिधियों ने सैम श्रेणी से सुपोषित हुए चार बच्चों को पोषण पोटली प्रदान की, जबकि सात गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा रेसिपी आधारित पोषाहार से तैयार किए गए विभिन्न पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अवलोकन कर सराहना की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने मानदेय में वृद्धि के लिए मा0 मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं से बढ़े हुए उत्साह और पूर्ण मनोभाव के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन करते हुए बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की अपेक्षा की।

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