
उरई (जालौन)। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार ने बताया कि जनपद में भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रगणक एवं पर्यवेक्षक का प्रशिक्षण 20 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुका है। यह प्रशिक्षण जनपद के सभी चार्जों (तहसील एवं नगर निकाय) में संचालित किया जा रहा है तथा 5 मई 2026 तक पूर्ण किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न बैचों में एक साथ आयोजित किया जा रहा है, जिनमें प्रत्येक बैच में लगभग 45 से 50 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक शामिल हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य को सुचारु, सटीक एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराना है। जनगणना का फील्ड कार्य 22 मई से 20 जून 2026 तक किया जाएगा। इस कार्य के लिए 3 दिवस का प्रशिक्षण अनिवार्य है। जनगणना कार्य से इंकार करने पर जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के अंतर्गत ₹1000 तक का जुर्माना एवं दोष सिद्ध होने पर 3 वर्ष तक का कारावास का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, इस बार नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी प्रदान की गई है। नागरिक 7 मई से 21 मई 2026 के बीच निर्धारित पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से कहीं से भी अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करते हैं। सभी संबंधित कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे जनगणना के कार्य में पूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करें। साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि वे सही एवं सटीक जानकारी देकर जनगणना कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें।



