जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं पर डीएम की पैनी नजर, मरीजों को राहत देने के निर्देश
भीषण गर्मी से बचाव के लिए कूलर, वाटर कूलर व एसी की व्यवस्था के आदेश

उरई (जालौन)। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशात्मक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, इंजेक्शन कक्ष, वार्डों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया। ओपीडी के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि इंजेक्शन कक्ष में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति के कारण मरीजों की लंबी कतार लगी हुई थी, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी हो रही थी। इस पर उन्होंने तत्काल प्रभाव से एक अतिरिक्त फार्मासिस्ट की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को समयबद्ध और सुचारु उपचार मिल सके।भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में व्यापक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने आरईएस के अभियंता को ओपीडी के बाहर शेड बनाकर कूलर लगाने के निर्देश दिए, जिससे मरीजों और तीमारदारों को लू से राहत मिल सके। इसके साथ ही परिसर में दो अतिरिक्त वाटर कूलर स्थापित करने के निर्देश दिए गए, ताकि सभी को स्वच्छ व शीतल पेयजल उपलब्ध हो सके। वार्डों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक वार्ड में दो-दो एसी एक सप्ताह के भीतर स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में सभी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लिया। इसी दौरान वार्ड में भर्ती कक्षा 8 की छात्रा नव्या से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। छात्रा ने बताया कि उसे दस्त और उल्टी की समस्या थी। जिलाधिकारी ने तत्काल चिकित्सकों को निर्देशित किया कि बच्ची का समुचित और बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा उसकी हर आवश्यक सुविधा प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान एक भावनात्मक क्षण भी सामने आया, जब छात्रा नव्या ने जिलाधिकारी को पहचानते हुए बताया कि वे उसके विद्यालय निरीक्षण के दौरान आए थे। इस पर जिलाधिकारी ने उसे आश्वस्त करते हुए कहा कि विद्यालय की बाउंड्री व मैदान के समतलीकरण के कार्य स्वीकृत कर दिए गए हैं और शीघ्र ही पूर्ण कराए जाएंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार, स्वच्छ वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह, सीएमएस आंनद उपाध्याय आदि मौजूद रहे।



