
जालौन । क्षेत्र पंचायत कार्यालय में काम कर रहे मनरेगा कर्मचारियों को बीते आठ माह से मानदेय न मिलने के चलते मनरेगा कर्मचारी परेशान हैं। पिछले माह नवागांतुक बी डी ओ को ज्ञापन देकर वेतन दिलाये जाने की मांग की थी। एक माह बाद वेतन न मिलने पर बुधवार को कर्मचारियों ने बैठक कर 10 दिन की कलम बंद हड़ताल की घोषणा कर दी।
ब्लॉक कार्यालय में काम कर रहे ग्राम रोजगार सेवक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, तकनीकी सहायक एवं अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों को आठ माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। जिसको लेकर बीती नौ मार्च को मनरेगा कर्मचारी प्रकाश बाबू, महावीर शरण, हिम्मत सिंह, इंद्रपाल सिहं, महेंद्र पाल, कमल किशोर, पवन तिवारी, बुद्ध सिंह, प्रवीन, दिव्या, अनिल, गनेश, शिवकुमार, मोहित आदि ने डीएम को संबोधित ज्ञापन तत्कालीन बीडीओ अरूण कुमार तथा 16 अप्रैल को नवागांतुक बी डी ओ प्रशांत यादव को ज्ञापन सौंपा था इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। बुधवार को मनरेगा कर्मचारियों ने बीडीओ प्रशांत कुमार को प्रत्यावेदन देकर बताया कि बीते आठ महीनों में प्रमुख पर्व दशहरा, दीपावाली, होली, नवरात्रि के अलावा वैवाहिक तिथियां भी निकल गई है। शादी और पर्व पर घरों में अधिक खर्च होता है। इसके बाद भी उन्हें बीते नौ माह से मानदेय का भुगदान नहीं किया गया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने देश के 12 प्रदेशों में उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मानव दिवस सृजित करने पर प्रशंसा की थी। सर्वाधिक मानव सृजन में सहयोग करने वाले कर्मचारियों को मानदेय तक नहीं मिल पा रहा है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 में वर्णित जीवन के अधिकार का उल्लंघन है। मानदेय का नौ माह से भुगतान न होने के कारण उनके परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। कर्मचारियों ने उनके लंबित नौ माह के मानदेय का भुगतान कराने की मांग बीडीओ से की है। वहीं, मनरेगा कर्मचारियों को बीडीओ ने आश्वासन दिया था कि उनका डोंगल शुरू होने के साथ ही उनके बकाया मानदेय का भुगतान करा दिया जाएगा।इसके बाद भी भुगतान न होने पर आर्थिक तंगी के जूझ रहे कर्मचारियों ने 16 अप्रैल से 25 अप्रैल तक कलम बंद हड़ताल करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है ।


