
रायपुर पंचायत में विकास के नाम पर खेल—
कागजों में सड़कें, जमीन पर सिर्फ धूल और झोल!
जालौन जनपद की ग्राम पंचायत रायपुर अब भ्रष्टाचार के बड़े आरोपों में घिर गई है। रिकॉर्ड में सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, संपर्क मार्ग और नाली निर्माण के नाम पर कुल ₹51,01,812 खर्च दिखाया गया, लेकिन हकीकत में कई काम या तो अधूरे हैं या पूरी तरह गायब बताए जा रहे हैं। एक ही तारीख में बार-बार समान भुगतान और फाइलों में पूर्ण कार्य दिखाना—पूरा मामला सीधे-सीधे बड़े फर्जीवाड़े की ओर इशारा कर रहा है।
पूर में विकास का ऐसा खेल रचा गया,
बिना काम के ही खजाना लुटा गया,
ईंट ना गिरी, ना सड़क बनी कहीं,
फिर भी हर कागज पर पूरा लिखा गया!
अब उठ रहे हैं सवाल:
क्या ग्राम पंचायत रायपुर में बिना काम के ही लाखों रुपये निकाल लिए गए?
एक ही दिन में बार-बार समान राशि किसके इशारे पर पास हुई?
क्या प्रधान, सचिव और ठेकेदार की मिलीभगत से हुआ यह बड़ा खेल?
जिन सड़कों, नालियों और इंटरलॉकिंग का भुगतान हुआ, वो जमीनी स्तर पर क्यों नहीं दिख रहीं?
क्या फर्जी मस्टर रोल और बिल बनाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया?
ब्लॉक स्तर के अधिकारी इस खेल से अनजान थे या जानबूझकर चुप रहे?
आखिर जांच कब होगी और दोषियों पर कार्रवाई कब?
क्या बड़े नामों को बचाने के लिए मामले को दबाया जा रहा है?
जनता का गुस्सा उबाल पर:
ग्रामीणों ने साफ कहा—अगर जल्द जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो पंचायत से लेकर ब्लॉक तक बड़ा आंदोलन होगा।
आरसीसी की आईडी दिखाकर डाला गया संपर्क मार्ग, शिकायत के बाद काम की डिमांड को जीरो करने की और उच्चाधिकारियों द्वारा कही गई थी बात, लेकिन 6 मार्च 2026 को हो गया भुगतान, ब्लॉक स्तर पर बैठे एनआरपी, सचिव प्रधान की मिलीभगत की ओर कर रहा इशारा…!!
जनता की हुंकार:
रायपुर में लूट बंद करो… नहीं तो कुर्सी खाली करो!
जिले के अधिकारियों से की गई शिकायत, नहीं हुई कारवाही तो लखनऊ स्तर पर रायपुर का गूंजेगा मामला!!



