
जालौन (उरई)। मंगलवार की रात कोतवाली पुलिस द्वारा श्रीवीर बालाजी हनुमान मंदिर पर चल रहे धार्मिक आयोजनों में प्रयोग हो रहे ध्वनि विस्तारक यंत्रों को उतरवा दिया गया था। जिस पर हिंदूवादी संगठनों ने रोष व्यक्त किया था। बुधवार को कोतवाली में पुलिस और धार्मिक संगठन के लोगों के बीच वार्ता के बाद पुलिस ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों को वापस मंदिर पहुंचा दिया साथ ही निर्धारित मानक पर ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग करने की बात कही।
उरई रोड पर विश्नोई पैट्रोल पम्प पर स्थित श्री वीर बालाजी हनुमान मंदिर पर नवकुंडीय श्रीसीताराम महायज्ञ, भागवत कथा और रामलीला महोत्सव का आयोजन चल रहा है। मंगलवार की रात ध्वनिविस्तारक यंत्र से कार्यक्रम का प्रसारण चल रहा था। ध्वनि की तीब्रता को लेकर कोतवाली पुलिस मंदिर परिसर में पहुंच गई। आयोजकों का आरोप है कि पुलिस ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों को बंद करा दिया और लाउड स्पीकर को अपने साथ ले केातवाली ले गई। जब यह खबर धार्मिक संगठनों के लोगों को मिली तो उनमें रोष फैल गया। बुधवार की सुबह हिन्दू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष राजा सिंह सेंगर, बजरंग दल से मानवेंद्र सिंह परिहार, विहिप से अनूप दीक्षित, सिंटू महाराज, अनुराग श्रीवास्तव, राकेश प्रजापति, लवकुश आदि कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने कोतवाल आनंद कुमार सिंह से वार्ता की। वार्ता के दौरान कोतवाल ने स्पष्ट किया कि देवनगर चौराहे पर स्थित एक गेस्ट हाउस में देर रात मानक से अधिक ध्वनि स्तर पर डीजे बजाए जाने की सूचना मिली थी। उसी के क्रम में कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उनका कहना था कि धार्मिक कार्यक्रमों पर किसी प्रकार की रोक नहीं है, लेकिन ध्वनि प्रदूषण संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सभी को करना होगा। कोतवाल ने आश्वस्त किया कि तय सीमा के भीतर लाउड स्पीकर के प्रयोग पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद आपसी सहमति बनी और पुलिस ने ध्वनि विस्तारक यंत्र मंदिर परिसर में वापस पहुंचा दिए।

