श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण बाल लीला, कालियामसन मर्दन व गोवर्धन पूजा का हुआ सुंदर वर्णन

जालौन (उरई)। श्रीवीर हनुमान बालाजी मंदिर में आयोजित नवकुण्डीय श्रीसीताराम महायज्ञ, श्रीराम लीला महोत्सव व श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक पं. अंकित पचौरी ने श्रीकृष्ण बाल लीला, कालियामसन मर्दन व गोवर्धन पूजा का सुंदर वर्णन किया गया।कथा को सुनकर तथा श्रीराम लीला महोत्सव में धनुष यज्ञ की लीला देखकर भक्त विभोर हो गये।
उरई मार्ग स्थिति पैट्रोल पम्प वाले श्री हनुमान जी के मंदिर में परिचय में चल रही श्रीमद्भागवत में छठे दिन कथा व्यास पंडित अंकित पचौरी ने कहा कि भगवान की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक हैं। भगवान कृष्ण ने बचपन में अनेक लीलाएं की। बाल कृष्ण सभी का मन मोह लिया करते थे। नटखट स्वभाव के चलते यशोदा मां के पास उनकी हर रोज शिकायत आती थी। मां उन्हें कहती थी कि प्रतिदिन तुम माखन चुरा के खाया करते हो, तो वह तुरंत मुंह खोलकर मां को दिखा दिया करते थे कि मैंने माखन नहीं खाया। कहा कि भगवान कृष्ण अपनी सखाओं और गोप-ग्वालों के साथ गोवर्धन पर्वत पर गए थे। वहां पर गोपिकाएं 56 प्रकार का भोजन रखकर नाच गाने के साथ उत्सव मना रही थीं। कृष्ण के पूछने पर उन्होंने बताया कि आज के ही दिन देवों के स्वामी इंद्र का पूजन होता है। इसे इंद्रोज यज्ञ कहते हैं। इससे प्रसन्न होकर इंद्र व्रज में वर्षा करते हैं, जिससे प्रचुर अन्न पैदा होता है। भगवान कृष्ण ने कहा कि इंद्र में क्या शक्ति है। उनसे अधिक शक्तिशाली तो हमारा गोवर्धन पर्वत है। इसके कारण ही वर्षा होती है, अतरू हमें इंद्र से बलवान गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा कालिया मान मर्दन की कथा का भी वर्णन किया गया। इससे पूर्व यज्ञाचार्य पं. अमित तिवारी ने 9 कुण्डीय श्रीसीताराम महायज्ञ में सुबह 8 बजे से 12 तक आहूतियां करायी। इस दौरान भक्त यज्ञशाला की परिक्रमा करते रहे। रात में आयोजित श्रीराम लीला महोत्सव के दौरान श्री भैरव रामलीला व नाट्य मंडल द्वारा धनुष यज्ञ की लीला का मनोहारी मंचन किया गया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गयी लीला देखकर दर्शक मुग्ध हो गये। इस मौके पर दर्शक व स्रोताओं के साथ आयोजक मंडल के लोग उपस्थित रहे।

