शान्ति व कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए भारत सरकार व उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्गत निर्देशों के बाद लागू की गई धारा-144

सत्येन्द्र सिंह राजावत
उरई(जालौन)। जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस माह /आगामी माहों में गुरू तेग बहादुर शहीद दिवस तथा अन्य स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले त्यौहारों के अतिरिक्त प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिगत शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु धारा-163, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (धारा-144 दंप्रस) के अन्तर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुये निषेधाज्ञा जारी किया जाना आवश्यक है।
अतः अपने अधिकार क्षेत्र में कानून व्यवस्था को बनाये रखने, शान्ति व्यवस्था को कायम रखने, सार्वजनिक एवं निजी लोक सम्प्रति के सुरक्षार्थ तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार व उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्गत निर्देशों का अनुपालन कराने हेतु धारा-163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (धारा-144 दंप्रस) के प्राविधानों के अनुसार निम्नांकित आदेश पारित करता हूँ- शासकीय अस्पतालों में 24 घण्टे जीवन रक्षा से सम्बन्धित दबाओं का स्टाक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखा जाये एवं विस्तरों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाये ताकि आवश्यकता पड़ने पर इनका तुरन्त उपयोग किया जा सके। जीवन रक्षा से सम्बन्धित स्पेस्लिस्ट डाक्टरों एवं पैरा मेडीकल स्टाफ को 24 घण्टे (राउण्ड दा क्लॉक) किसी अकस्मिक दुर्घटना से निपटने हेतु ड्यूटी पर तैयार रखा जाये। जनपद की सीमान्तर्गत प्रवाहित नदिओं में पर्वो पर जहाँ श्रद्धालुजन स्नान करेगें वहाँ पर बैरीकेडिंग कर पर्याप्त प्रकाश व गोताखोरों की समुचित व्यवस्था की जाये। गहरे पानी की पट्टिका का अंकन एवं पीएसी की फ्लड टुकड़ी/जल पुलिस की यथावश्यक व्यवस्था की जाये। मार्गों पर थोड़ी-थोड़ी दूर पर पुलिस पिकेट / गश्त की व्यवस्था की जाये। पर्वो पर आयोजित होने वाले मेला स्थलों पर दंगा निरोधक उपकरण, क्रेन / एम्बुलेंस, अग्निशमन, अस्पताल आदि की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाये। श्रद्धालुजनों के आवागमन के दौरान दूसरे सम्प्रदाय बाहुल्य क्षेत्रों से गुजरते समय उत्तेजक / आपत्तिजनक नारे लगाने से रोका जाये। यातायात प्रबन्धन पर विशेष प्राथमिकता दी जाये। संवेदनशील स्थानों पर मोबाईल पेट्रोलिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। वैकल्पिक मार्गों का चिन्हीकरण करते हुये ट्रैफिक डायवर्जन व्यवस्था समय से पूर्ण करा लिया जाये। श्रद्धालुजनों को रास्ते में भोजन / पानी उपलब्ध कराने वाले शिविरों के प्रबन्धकों से समन्वय स्थापित कर सुरक्षा के दृष्टिकोण से शिविरों की एन्टी सेबोटॉज चेकिंग भी करा ली जाये। श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-अर्चना, विश्राम व भोजन आदि के समय मार्गों के किनारे लगाये गये शिविरों से यातायात प्रभावित होने/दुर्घटना होने की सम्भावना के प्रति सतर्कता बरती जाये। जेबकतरे, चैन स्नैचिंग, महिलाओं से छेड़खानी जैसे अपराधों पर विशेष सतर्कता बरती जाये। ट्रेनों की छतों पर बैठकर यात्री किसी भी दशा में यात्रा न करें। पुलिस / प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सीमावर्ती समकक्षीय अधिकारियों के साथ तत्काल गोष्ठी कर लगातार सम्पर्क स्थापित रखा जाये एवं महत्वपूर्ण सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाये। जनपद के ऐसे ग्राम जिनकी सीमायें अन्य राज्यों से मिलती हों, उनके द्वारा वैरिकेटिंग के प्रमुख स्थान चिन्हित कर बैरियर, नाका के बिन्दु तय कर लिये जाये। सोशल मीडिया पर लगातार सतर्क दृष्टि बनायी रखी जाये तथा धार्मिक उत्तेजना की सामग्री के प्रसार को रोका जाये तथा अफवाहों का तत्काल खण्डन किया जाये। परम्परा से हटकर मेला/कार्यक्रमों के आयोजन को प्रतिबन्धित किया जाये। संबेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाये जिसके लिये पर्याप्त पुलिस व्यवस्था भी सुनिश्चित की जावे एवं लगातार पुलिस पेट्रोलिंग भी सुनिश्चित करायी जाये। मुख्यतः रेनबसेरा, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था हेतु आवश्यकतानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जावे एवं सी०सी० कैमरा/डिजिटल कैमरा आदि से कड़ी निगरानी रखी जाये। ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहनों के संचालन एवं पार्किंग पर कड़ी चौकसी बरती जाये एवं आवश्यकतानुसार वाहनों की चेकिंग भी सुनिश्चित की जाये। बसों एवं ट्रेनों में संदिग्ध यात्रियों की चेकिंग सुनिश्चित करायी जाये। उक्त त्यौहार के दौरान अराजक तत्वों को चिन्हित करते हुये उनके विरूद्ध नियमानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये। अफवाह फैलाने वाले तत्वों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लायी जाये। अस्त्र/शस्त्र लेकर चलने वाले व्यक्तियों की नियमानुसार जाँच की जाये एवं दोषी पाये जाने की स्थिति में उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये। उक्त त्यौहार के अवसर पर कानून एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से शान्ति समिति की बैठकें आयोजित की जायें। किसी धार्मिक स्थल/सार्वजनिक स्थल/अन्य आयोजनों पर लाउड स्पीकर की ध्वनि की तीव्रता के सम्बन्ध में ध्वनि प्रदूषण (विनिमय और नियंत्रण), नियम-2000 यथा संशोधित के प्राविधानों का अनुपालन आवश्यक होगा कि कोई भी ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग नहीं किया जायेगा तथा मा० सर्वोच्च न्यायालय के ध्वनि के सम्बन्ध में दिये गये दिशा निर्देशों का अनुपालन करना आवश्यक होगा। कोई भी व्यक्ति जनपद जालौन की सीमा के अन्दर लाठी, डण्डा (अन्धे व अपाहिज व्यक्तियों तथा सिख धर्म द्वारा रखे जाने वाले कृपाण को छोड़कर), तेज धार वाले चाकू, तथा नुकीले शस्त्र जैसे-तलवार, दरछी, गुप्तियाँ, कटार, फरसा, संगीन, त्रिशूल अथवा अग्नेयाश्त्र, ज्वलनशील पदार्थ घातक हथियार आदि लेकर नहीं चलेगा और न ही किसी सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शित करेगा। ड्यूटीरत पुलिस कर्मी /अर्द्ध सैनिक बल पर ये प्रतिबन्ध लागू नहीं होंगे। जनपद जालौन सीमा के अन्दर किसी भी समुदाय के व्यक्ति द्वारा दूसरे समुदाय की भावनाओं के विपरीत ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जायेगा, जिससे शान्ति भंग होने की आशंका हो और न ही दूसरे समुदाय के धार्मिक भावनाओं के विरूद्ध किसी प्रकार का उत्तेजनात्मक भाषण दिया जायेगा और न ही सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचना एवं अफवाहें फैलायी जायेगीं। जनपद जालौन क्षेत्र की सीमा के अन्दर कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई अनुचित मुद्रण / प्रकाशन जिससे साम्प्रदायिक तनाव अथवा समुदायों के बीच वैमनस्य उत्पन्न हो नहीं करेगा।कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस/प्रशासन द्वारा लगाये गये ड्रोन कैमरा, बैरियर, सीसीटीवी कैमरा, पी०ए० सिस्टम के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। जनपद जालौन क्षेत्र की सीमा के अन्दर किसी भी साइबर कैफे के स्वामी / संचालक द्वारा किसी भी अनजान व्यक्ति जिसका परिचय किसी विश्वासनीय प्रमाण पत्र जैसे परिचय पत्र, मतदाता पहचान पत्र, राशनकार्ड, ड्राइविंग लाईसेन्स, पासपोर्ट, फोटो, क्रेडिट कार्ड, पेन कार्ड व ऐसे ही अन्य साक्ष्य से प्रमाणित न हो साइबर कैफे का उपयोग नहीं करने दिया जायेगा। समस्त आगन्तुकों/प्रयोगकर्ताओं का रजिस्टर रखे बिना संचालित नहीं किया जायेगा, सभी आगन्तुकों/प्रयोगकर्ताओं को उनके हस्तलेख में नाम पता, दूरभाष नम्बर तथा परिचय का प्रमाण पत्र अंकित कराये बिना साइबर कैफे का प्रयोग नहीं करने दिया जायेगा। साइबर कैफे में बिना एक बेब कैमरा लगाये जिसमें प्रत्येक आगन्तुक/प्रयोगकर्ता की फोटो खींची जा सके तथा उसका अभिलेख सुरक्षित रखा जा सके संचालित नहीं किया जायेगा। साइबर कैफे इक्विटी सर्वर लागू हो, को मेन सर्वर में कम से कम 06 माह तक सुरक्षित रखे जाने की व्यवस्था के बगैर साइबर कैफे संचालित नहीं कर सकेंगे। आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाये व विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षाए एवं अन्य परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केन्द्रों व उसके आस-पास विशेष पुलिस दल तैनात कर नकल विहीन परीक्षाये आयोजित करायी जायें। कूड़ा और खेतो में बचे हुये फसलों के अवशेषों को न जलाया जाये। जलाते हुये पाये जाने पर सुसंगत धाराओं में कार्यवाही की जाये।त्यौहारो/पर्वो के अवसर पर प्लेटफार्म / रेलवे ट्रक की सुरक्षा एवं रेलवे स्टेशन व बस स्टैण्डो के आस पास के क्षेत्र एवं प्रमुख होटल, ढावा, सराय आदि की विधिवत चेंकिग सुनिश्चित की जाय तथा सभी सर्कुलेटिंग एरिया में भी ज्वाइट फुट पेट्रोलिंग/गश्त की व्यवस्था की जाये। चूँकि उक्त आदेश को तत्काल पारित किये जाने की आवश्यकता है तथा समय अभाव के कारण यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया जा रहा है। फिर भी यदि कोई भी व्यक्ति, संस्था या पक्ष इस आदेश में कोई छूट या शिथिलता चाहे तो जिलाधिकारी के सम्मुख विधिवत आवेदन करने का अधिकार होगा, जिस पर सम्यक सुनवाई एवं विचारोपरान्त समुचित आदेश पारित किये जायेंगे। त्यौहारों के दृष्टिगत विद्युत आपूर्ति, पानी की आपूर्ति की समुचित व्यवस्था की जाए। यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यदि बीच में वापस न लिया गया तो दिनाँक 19.12.2025 तक लागू रहेगा। इस आदेश अथवा इस आदेश के किसी अंश का उल्लंघन करना भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है। इस आदेश का प्रचार जनपद जालौन की समस्त तहसीलों / थानों व पुलिस अधीक्षक /जिला मजिस्ट्रेट / जनपद के समस्त न्यायालयों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करके स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कराकर एवं पुलिस कन्ट्रोल रूम की गाड़ियों द्वारा स्पीकर से प्रचार कराकर किया जायेगा। किसी विषम परिस्थिति उत्पन्न होने की दशा में तत्काल वस्तु स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाये।



