जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के तत्वाधान में, जन शिक्षण जालौन के सभागार में आयोजित हुआ विधिक साक्षरता एवं श्रमिक जागरूकता शिविर

उरई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के तत्वाधान में अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (01 मई 2026) के अवसर पर, जन शिक्षण संस्थान जालौन के सभागार में विधिक साक्षरता एवं श्रमिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त आयोजन को सफलतापूर्वक सम्पादित कराने में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित जन शिक्षण संस्थान जालौन तथा भारतीय जीवन बीमा निगम का विशेष योगदान रहा।
उक्त जन जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रमिक अधिकारों तथा उनके कल्याण के लिए सरकार द्वारा जारी नियमों/दिशा-निर्देशों के प्रति जागरूक करना था।
उक्त विधिक साक्षरता एवं श्रमिक जागरूकता शिविर में उपस्थित मुख्य अतिथि मा० शाम्भवी (प्रथम) (सचिव/अपर जिला जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन) जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि, ‘‘समाज में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने काम का मजदूर है, बस पेहराव बदल जाता है, लेकिन काम सभी को करने पड़ते हैं।’’ साथ ही साथ उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों के प्रति विधिक जानकारी भी विस्तृत रूप से प्रदान की।
उक्त विधिक साक्षरता एवं श्रमिक जागरूकता शिविर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री एस एस राजावत जी (विकास अधिकारी, एलआईसी जालौन) ने अपने सम्बोधन में मजदूरों को भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि,-”कोई भी देश तभी विकसित होता है जब उस देश में कार्य करने वाले लोग मेहनती होते हैं।’’ उन्होंने सभी प्रतिभागियों से कहा कि, ‘‘आप सभी लोग प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद स्वयं का रोजगार/स्वयं की दुकान खोलकर अथवा सरकारी अनुदान प्राप्त कर तथा भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा संचालित बीमा सखी योजना का लाभ लेकर अपना तथा अपने परिवार का जीविकोपार्जन कर सकते हैं।’’
उक्त विधिक साक्षरता एवं श्रमिक जागरूकता शिविर कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित श्री रामबाबू निषाद जी (न्यायिक सदस्य, स्थायी लोग अदालत) ने अपने संबोधन मे कहा कि,-“मजदूरों को उनके अधिकरों के बारे में जानकारी देने के लिए मजदूर दिवस मनाया जाता है। श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा हेतु सन 1919 ई० में प्रथम युद्व के बाद, वर्साय की सन्धि द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आई०एल०ओ०) की स्थापना हुयी, जिसका मुख्यालय स्विटजरलैण्ड के जिनेवा शहर में है।”
उक्त विधिक साक्षरता एवं श्रमिक जागरूकता शिविर कार्यक्रम का सफल संचालन कर रहे संस्थान निदेशक श्री कन्हैया लाल वैश्य जी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘‘प्रत्येक वर्ष 1 मई को मई दिवस (अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस) मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को उनके अधिकारों तथा उनके कल्याण के लिए सरकार द्वारा जारी नियमों/दिशानिर्देशों के प्रति जागरूक करना है। सन 1886 ई० में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के शिकागो शहर में लगभग 3 लाख श्रमिकों ने श्रमिक संघों के नेतृत्व में 8 घटें कार्य दिवस को लेकर पहली बार देश व्यापी हड़ताल की जिसके 3 साल बाद सन 1889 में अन्तर्राष्ट्रीय समाजवादी संम्मेलन में मजदूर वर्ग के संर्घष का सम्मान करने के लिए 1 मई को अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में घोषित किया। भारत में 1923 ई० में चेन्नई से श्रमिक दिवस मनाये जाने की शुरूआत हुयी। लेवर किसान पार्टी ऑफ हिन्दुस्तान की अध्यक्ष्ता में 1 मई 1923 को मई दिवस मनाया गया।
इसके पूर्व माँ सरस्वती जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण सम्मानित अतिथियों द्वारा किया गया। माँ सरस्वती बन्दना गीत तथा सम्मानित अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत जन शिक्षण संस्थान जालौन की प्रशिक्षणार्थी कु० वैष्णवीं दुबे द्वारा प्रस्तुत किया गया जब कि श्रमिक गीत “है देश की शान, मजदूर किसान“ कु० अंशिका द्वारा प्रस्तुत किया जिसने मंचस्थ सम्मानित अतिथियों के हृदय को द्रवित कर दिया।
सम्माननीय अतिथियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। साथ ही साथ श्री आशीष कुमार के नेतृत्व में प्रतिभागियों/युवक/ युवतियों/अभिभावकों को जागरूक करने के लिए मई दिवस (अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस) से संबंधित एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। उक्त जन जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में उपयुक्त श्रम रोजगार (मनरेगा) से ए०पी०ओ० मनोज कुमार वर्मा, श्रीकान्त सिंह समाजसेवी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से दीपक तिवारी, शुभम शुक्ला, महेश परिहार, गजेन्द्र कुमार, मनीषा चतुर्वेदी, महेन्द्र मिश्रा एवं जन शिक्षण संस्थान जालौन से रंजीत सिंह, नसरीन बनों, सोनाली अग्निहोत्री, विशाल गुप्ता, मु० शमीम अहमद, सत्येन्द्र वर्मा आदि का अप्रतिम सहयोग रहा।
उक्त विधिक साक्षरता एवं श्रमिक जागरूकता शिविर कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशिक्षण केन्द्र से सम्बन्धित उपस्थित प्रशिक्षिकाओं एंव प्रतिभागियों/युवक/युवतियों/ अभिभावकों का भी विशेष योगदान रहा।



