
बबलू सेंगर महिया खास
जालौन। महोबा से भिंड वाया जालौन व कोंच से फफूंद वाया जालौन रेलवे लाइन के लिए बजट देने को समाजसेवी ने राज्यपाल को पत्र लिखा था। राज्यपाल के विशेष सचिव के निर्देश पर आगंे की कार्रवाई के लिए संयुक्त सचिव ने पत्र रेल मंत्रालय के सचिव को भेजा है।
समाजसेवी देवीदयाल वर्मा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर बताया था कि पूर्व में तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने अपने अंतिम रेल बजट में रेल लाईन के लिए संसद में कोच से जालौन औरेैया होकर फफूंद तक (89.68 किमी) व महोबा से राठ, चरखारी, उरई-जालौन-बंगरा-माधौगढ़ होकर बीहड़ क्षेत्र से गुजर कर भिंड तक (217 किमी) रेलवे लाइन की स्वीकृति प्रदान की थी। तभी से यह नई रेल लाईन अटकी-भटकी-लटकी है। इनकी सर्वे रिपोर्ट दिनांक 10 फरवरी 2014 व 29 मार्च 2012 को रेलवे बोर्ड नई दिल्ली को उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज द्वारा भेजी जा चुकी है। उक्त-रेलवे लाईन के के लिए पूर्व सांसद केंद्रीय मंत्री भानुप्रताप सिंह वर्मा भी संसद में मुद्दा प्रमुखता से उठा चुके हैं। भाजपा की राज्यसभा सांसद चंद्रकांता व वर्तमान सांसद नारायण दास अहिरवार भी संसद में इस मांग को उठा चुके हैं। प्रदेश की राज्यपाल महामहिम आनंदीबेन पटेल ने भी उक्त रेल लाईन के लिए सहमति दी है। रेलवे बोर्ड भारत सरकार द्वारा पांच करोड़ 43 लाख रुपये लोकेशन सर्वे के लिए के लिए स्वीकृत हुए थे। लोकेशन सर्वे का कार्य जारी है। अब रेलवे लाइन के निर्माण के लिए बजट की आवश्यकता है। इसलिए रेलवे टैªक के निर्माण के लिए धन आवंटित किया जाए, तो इस क्षेत्र की तरक्की हो सकती है और खुशहाली आएगी। इस पत्र का संज्ञान लेकर राज्यपाल के विशेष सचिव के निर्देश पर संयुक्त सचिव अरविंद मोहन ने समाजसेवी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई के लिए रेल मंत्रालय के सचिव को प्रेषित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई रेल मंत्रालय के माध्यम से होगी।