
बबलू सेंगर महिया खास
जालौन। क्षेत्रीय ग्राम उदोतपुरा स्थित उदोतपुरा सरकार हनुमान परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा महोत्सव में तीसरे दिन की कथा में रामकथा वाचक शास़्र अमरदीप अवस्थी ने नारद मोह व रामजन्म की कथा का वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया और श्रोता हर प्रसंग के साथ भाव-विभोर होते रहे।
शास्त्री अमरदीप अवस्थी ने कथा की शुरुआत नारद मोह प्रसंग से की। उन्होंने बताया कि नारदजी किसी भी प्रकार के मोह से ऊपर बताए जाते हैं, लेकिन एक बार स्वयं नारद भी मोहजाल में फंस गए थे। एक राजकुमारी की ओर आकर्षित होने के बाद जब भगवान विष्णु ने उनकी परीक्षा ली, तब नारद मुनि ने अपनी भूल को समझा और यह अनुभव आगे चलकर धरती पर धर्म की स्थापना के लिए भगवान के अवतरण का कारण बना। उन्होंने राजा दशरथ के पुत्र प्राप्ति यज्ञ और भगवान श्रीराम के अवतरण की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब अधर्म बढ़ता है और संसार संकट में होता है, तब भगवान स्वयं अवतरित होकर धर्म की पुनर्स्थापना करते हैं। भगवान श्रीराम का जन्म भी इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए हुआ। भगवान राम का अवतरण केवल एक राजकुमार के रूप में नहीं, बल्कि आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति और आदर्श राजा के रूप में मनुष्य के संपूर्ण जीवन-पथ को उजागर करने के लिए हुआ था। रामजन्म के दौरान भक्तजन जय श्रीराम के नारे लगाते रहे। इस मौके पर पारीक्षित प्रहलाद सिंह, शकुंतला देवी, राधे चौहान, बलराम पचौरी, रामकुमार पचौरी, राजू दौंदेरिया, राकेश पचौरी, प्रहलाद पचौरी, राजाबाबू चौहान, शिवराज फौजी, हरीराम पाल, शंकर सिंह चौहान, गिरजाशंकर, इंद्रपाल सिंह, सुनील चचोंदिया, सुरेश पचौरी, मुन्ना राही, अशोक राठोर, छोटेलाल बाबा आदि भक्तजन मौजूद रहे।



