उरई

विकास कार्यों में तेजी, लापरवाही पर कार्रवाई तय—नोडल अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह

सीएम डैशबोर्ड में टॉप टेन प्रदर्शन पर सराहना, बड़ी परियोजनाओं व जनकल्याणकारी योजनाओं पर सख्त निर्देश

उरई (जालौन)।जनपद में विकास योजनाओं की रफ्तार को और तेज करने तथा शासन की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कराने के उद्देश्य से सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग उ०प्र० शासन/नोडल अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह की मौजूदगी में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में गहन समीक्षा बैठक कर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, विकास एवं राजस्व कार्यों तथा कानून व्यवस्था की स्थिति का गहन समीक्षा की गई। नोडल अधिकारी ने जनपद को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में प्रदेश स्तर पर टॉप टेन में स्थान प्राप्त करने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि निरंतरता और जिम्मेदारी के साथ बनाए रखना सभी विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने ए-रैंक प्राप्त विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे और जनपद की रैंकिंग प्रदेश में शीर्ष स्तर पर बनी रहे। समीक्षा के दौरान पेयजल आपूर्ति, आधारभूत संरचना एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। जनपद में लगभग 1600 किलोमीटर सड़कों की खुदाई के सापेक्ष 1260 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने तथा 264 ग्राम पंचायतों में लगभग 330 किलोमीटर कार्य अवशेष पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में सड़क पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। फैमिली आईडी के शत-प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उप कृषि निदेशक, डीसी मनरेगा एवं समाज कल्याण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विभागवार लाभार्थियों की पहचान कर विशेष शिविरों के माध्यम से तेजी से फैमिली आईडी तैयार कराई जाए, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंच सके। सीएमआईएस पोर्टल पर एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 292 परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए नोडल अधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं की प्रगति पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना के कार्य में शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। समीक्षा के दौरान जिला कारागार उरई, राजकीय मेडिकल कॉलेज में 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट तथा तहसील उरई के आवासीय भवन निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। इन परियोजनाओं में विलंब को गंभीरता से लेते हुए संबंधित परियोजना प्रबंधकों एवं अभियंताओं के विरुद्ध जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नर्सिंग कॉलेज निर्माण कार्य में हो रही देरी पर भी जवाबदेही निर्धारित करने को कहा गया। नोडल अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी निर्माण परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ होने से पूर्व जनप्रतिनिधियों द्वारा विधिवत भूमि पूजन सुनिश्चित कराया जाए तथा निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संपन्न हो। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्य ही सरकार की मंशा को साकार कर सकता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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