
उरई, जालौन। जनपद के ग्राम अजनारी में स्थित इच्छापूर्ति श्री गणेश दरबार इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। बुधवार के दिन यहां विशेष रूप से भक्तों का भारी जमावड़ा लगता है और दूर-दराज से लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मंदिर के पुजारी शिवकांत तिवारी ने बताया कि सफेद मदार की जड़ से स्वतः ही दो मुख वाली गणेश प्रतिमा का स्वरूप प्रकट हुआ है, जिसे अत्यंत चमत्कारी माना जा रहा है। इसी विशेषता के कारण यह स्थान श्रद्धालुओं के बीच तेजी से प्रसिद्ध हो रहा है।
बताया गया कि मूल रूप से मध्य प्रदेश के भक्ति भैरव ग्राम निवाड़ी में रहने वाले एक पुजारी को स्वप्न में संकेत प्राप्त हुआ था कि विशेष नक्षत्र में इस जड़ को निकालकर अजनारी में स्थापित किया जाए। इसके बाद यहां इच्छापूर्ति श्री गणेश दरबार की स्थापना की गई, जहां अब नियमित रूप से पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं का आगमन जारी है। डमरू वाले बाबा रामवरन दास ने बताया कि यह स्थान आस्था और विश्वास का प्रतीक बन चुका है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है, जिससे लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।



