
उरई जालौन समस्त ब्राह्मण समाज द्वारा भगवान परशुराम जी के पावन प्राकट्योत्सव के शुभ अवसर पर एक ऐतिहासिक, भव्य एवं दिव्य शोभायात्रा का अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण का
आयोजन अभिषेक दीक्षित राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता मंच के नेतृत्व में किया गया
यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं, युवाओं एवं मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। भगवान परशुराम जी की मनमोहक एवं आकर्षक झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित श्रद्धालु, भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों एवं बैंड-बाजों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय एवं ऊर्जावान हो उठा।
शोभायात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर समाज के गणमान्य नागरिकों एवं श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह जलपान एवं सेवा शिविरों का भी आयोजन किया गया, जिससे समाज की सेवा भावना एवं एकजुटता का परिचय मिला।
इस अवसर पर राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. अभिषेक दीक्षित ने कहा कि “भगवान परशुराम जी के आदर्श आज भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उनका जीवन त्याग, तपस्या, शौर्य और धर्म की रक्षा का प्रतीक है। हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज में एकता, स्वाभिमान एव संस्कारों को मजबूत करना होगा। ऐसे आयोजन समाज को जोडने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित कराने का सशक्त माध्यम हैं।”
कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी भगवान परशुराम जी के त्याग, तपस्या एवं धर्म रक्षा के अद्वितीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए समाज को उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
समस्त ब्राह्मण समाज ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार समाजहित एवं धर्म रक्षा के कार्यों में एकजुट रहने का संकल्प लिया मौके पर अवनीश अवस्थी, संजीव तिवारी ‘सीटू, अभिषेक दीक्षित राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता संघ, सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा जी , राज शुक्ला ‘सिहारी’, राम पटेरिया कुकरगांव, अर्पण शुक्ला, रघुवीर नगाइच, बुलबुल महाराज, मनीष शर्मा, राजा द्विवेदी, तरूण तिवारी, गौरव तिवारी, आदित्य शुक्ला, वैभव पाण्डेय, मनोज द्विवेदी, गुडडू तिवारी, सलिल तिवारी अन्य समाज के लोग उपस्थित रहे।।


