खेती को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम, प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना की हुई सख्त समीक्षा
संयुक्त सचिव मानश्वी कुमार ने दिए निर्देश—प्राकृतिक खेती, सिंचाई और विपणन पर हो ठोस काम

उरई(जालौन)। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं ‘प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना’ के नोडल अधिकारी मानश्वी कुमार ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय के साथ विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में योजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जनपद में योजना के क्रियान्वयन की स्थिति पर गहन चर्चा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए। संयुक्त सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को टिकाऊ एवं आत्मनिर्भर बनाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, सिंचाई संसाधनों के सुदृढ़ीकरण तथा कृषि विपणन तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गांव-गांव तक योजना का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है, साथ ही किसानों को ऋण सुविधा और आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनकी उत्पादन क्षमता में गुणात्मक वृद्धि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना के प्रत्येक घटक की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बैठक में आश्वस्त किया कि जनपद में योजना को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि विभागीय समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें और किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार, उप कृषि निदेशक एस के उत्तम, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीएचओ परवेज खान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



