
जालौन ब्लॉक के ग्राम कुंदनपुरा में हाल ही में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा से गेहूं की फसल खेतों में ही जमी रह गई और भारी नुकसान की स्थिति बन गई है। किसान मायूस हैं और मुआवजे की आस लगाए बैठे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद भी अब तक लेखपाल द्वारा मौके पर पहुंचकर कोई सर्वे नहीं किया गया है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नुकसान का आकलन नहीं हुआ, तो उन्हें सरकारी सहायता मिलने में दिक्कत हो सकती है।
इस मामले में जब लेखपाल से बातचीत की गई तो उन्होंने मौके पर जाने की बात कही, लेकिन जब उनसे सर्वे के फोटो मांगे गए तो वह कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सके। इससे ग्रामीणों में संदेह और रोष और भी बढ़ गया है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द टीम भेजकर वास्तविक स्थिति का आकलन कराना चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए कब तक राहत मिल पाती है।



