
जालौन (उरई)। केन्द्र सरकार द्वारा बनाई जा रही किसान एवं मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में श्रम संगठनों के पदाधिकारियों ने तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के बाद पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित 14 सूत्रीय मांग पत्र नायब तहसीलदार को सौंप कर उन पर रोक लगाने की मांग की।
श्रम संगठनों के आवाह पर आज चारों श्रम संहिताओं को लागू करने के खिलाफ आज आम हड़ताल की घोषणा की गयी थी। हड़ताल का नगर में कोई खास असर नहीं दिखा किन्तु देश के दस केन्द्रीय श्रम संगठनों के राष्ट्रीय आवाहन पर आज पदाधिकारियों ने तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर 14 सूत्रीय मांग पत्र नायब तहसीलदार सतेन्द्र कुमार गुप्ता को सौप कर चारो श्रम संहिता रद्द करने, बिजली संशोधन विधेयक 2025 बीज संशोधन विधेयक 2025 को वापस लेने, विकसित भारत- ग्रामीण रोजगार व आजीविका मिशन गारण्टी अधिनियम (वीबी जी रामजी) को रदद कर मनरेगा को जारी रखने, प्रदेश में न्यूतम वेतन सहालकार वोर्ड में उपसमित का गठन किया जाय। न्यूनतम वेतन 26000 से कम न हो, प्रदेश में श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करने, सभी को स्थाई रोजगार मिले संविदा नीति को बन्द करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, शिक्षा स्वास्थ्य, बिजली, रेलवे, कोयला, तेल, मिल आदि सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने, स्कीम वर्कर्स को राज्य कर्मचारियी घोषित किया जाये उनका वेतन 26 हजार मासिक तथा दस हजार रुपए मासिक दिलाने, नियमित प्रकृति के काम पर रखे गये संविदा/आउट सोर्सिगं/ठेका मजदूरों को नियमित किया जाये समान काम के लिये समान वेतन दिलाने, घरेलू कामगार और होम वेस्ड वर्कर्स को मजदूर का दर्जा दिया जाये तथा उनके किये वोर्ड का गठन किया जाने, रेलवे/बैंक/बीमा के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत आउट सोर्स / संविंदा श्रमिकों को केन्द्र सरकार द्वारा जारी न्यूनतम वेतन, ई०एम०आई० एवं भविष्य निधि योजना से आच्छादित किये जाने, ई-श्रम और बी०ओ०सी० बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों को आयुष्मान कार्ड जारी किया जाये तथा अन्य कल्याणकारी योजनाये शुरु कराने तथा भारत अमेरिका व्यापार समझौता निरस्त किया जाने की मांग की है। मांग पत्र देने से पूर्व पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की किसान एवं मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध किया। इस मौके पर राम औतार दोहरे, खलील, डां रामकिशोर गुप्ता, कांशीराम, फूलसिहं, मुहम्मद अनीस क़ुरैशी, सुरेन्द्र कुमार, केशभान, रामबाबू आदि लोग मौजूद रहे।



