
बबलू सेंगर महिया खास
जालौन। तहसील क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर संचालित हो रहे बिना पंजीकरण और मानकविहीन क्लीनिकों के खिलाफ रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम और झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा कसते हुए प्रशासनिक, पुलिस और चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र में एक साथ औचक छापेमारी की। जिसमें पांच क्लीनिकों को सील कर दिया गया।
रविवार को एसडीएम विनय कुमार मौर्य के नेतृत्व में मानक विहीन क्लीनिक व नर्सिग होम संचालकों के खिलाफ चलाए गए अभियान में नायब तहसीलदार गौरव कुमार, सीएचसी प्रभारी डॉ. केडी गुप्ता, सीएचसी कुठौंद प्रभारी अरुण कुमार तिवारी, कोतवाल अजय ब्रह्म तिवारी और कुठौंद कोतवाल अरुण कुमार राय मौजूद रहे। तहसील क्षेत्र में एक साथ चलाए गए अभियान में जांच के दौरान नगर पालिका क्षेत्र जालौन में संचालित एक क्लीनिक पर पंजीकरण प्रमाणपत्र और डिग्री न दिखा पाने पर उसे तत्काल सीज कर दिया गया। इसी प्रकार कुठौंद बाजार और माधौगढ़ मार्ग पर स्तुति क्लीनिक, साईं क्लीनिक सहित अन्य दो बिना नाम से चल रहे क्लीनिकों पर भी कार्यवाही की गई। टीम को मौके पर न तो कोई चिकित्सक की डिग्री मिली और न ही क्लीनिकों के पास आवश्यक मानक पूरे होते पाए गए। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने क्लीनिक संचालकों से आवश्यक कागजात मांगे, लेकिन अधिकतर झोलाछाप डॉक्टर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। एसडीएम विनय कुमार मौर्य ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से सीधे आम जनता का जीवन जुड़ा हुआ है। ऐसे में बिना पंजीकरण और मानकविहीन क्लीनिकों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अप्रशिक्षित और झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज न कराएं, क्योंकि इससे मरीज की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी अवैध क्लीनिक की जानकारी मिलने पर मेडिकल प्रैक्टिशनर एक्ट के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।