जालौन

मलकपुरा विद्यालय में ‘नो बैग डे’, गेस्ट टीचर बनकर जालौन कोतवाल ने बच्चों के साथ शेयर किए अपने अनुभव*

रिपोर्टअनुराग श्रीवास्तव सम्पादक सत्येन्द्र सिंह राजावत

जालौन  ।मलकपुरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को नो बैग डे रहा. इस अवसर पर जालौन कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक विमलेश कुमार जी ने विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों से रूबरू हुए और अपने अनुभव शेयर किए. बच्चों ने भी खुलकर उनसे सवाल पूछे. उनमें कुछ हंसी-मजाक की बातें भी हुई. विमलेश जी ने बच्चों को बताया कि उन्होंने भी सरकारी विद्यालय से ही अपनी स्कूलिंग की और पुलिस में आने से पहले वे भी शिक्षक रह चुके हैं. बच्चों से उनसे पुलिस सर्विस और पुलिस के व्यवहार से जुड़े सवाल किए, जिसमें पुलिस को लेकर डर क्यों होता है, जैसे सवाल भी थे. विमलेश जी ने बताया कि अनावश्यक रूप से पुलिस से डरना नहीं चाहिए. बच्चों को तो बिल्कुल भी नहीं डरना चाहिए और लोगों को भी बेवजह बच्चों के अंदर पुलिस का भय नहीं बैठाना चाहिए.
इसके बाद बच्चों, खासकर छात्राओं को उनके खिलाफ होने वाली अनचाही घटनाओं के प्रति सावधानी बरतने की भी बातें बताई गईं और उन्हें एवं गांव की अन्य महिलाओं को प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मिशन शक्ति की पहल के बारे में भी बताया गया।

इस बार विद्यालय के बच्चों ने योजना बनाईं है कि आने वाले दीवाली के त्यौहार में गांव जुआ और शराब की बुराई से दूर रहे. इस संबंध में विमलेश जी द्वारा बच्चों को हरसंभव सहयोग देने का वादा भी किया गया.
यहां आपको बता दें कि नो बैग डे का कॉन्सेप्ट (विचार) राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से आया है, जिसमें शनिवार के दिन बच्चों को पूरे सप्ताह लाने वाले भारी-भरकम बस्ते के बिना विद्यालय आना होता है. उत्तरप्रदेश में अभी इसे लागू करने की चर्चा चल रही है जबकि मलकपुरा पंचायत के इस विद्यालय में ये प्रयोग पिछले साल से ही चल रहा है, जो उसी राष्ट्रीय शिक्षा नीति से प्रेरित है और यहां के विद्यालय में लागू नई शिक्षा नीति का भाग है. इस अवसर पर ग्राम प्रधान अमित, विद्यालय में प्रधानाध्यापक मिलिंद सेन एवं सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं. अंत में बच्चों ने गुलाब का फूल देकर विमलेश जी को विदा किया।

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