शौर्य को नमन, सुरक्षा का संकल्प—अग्निशमन स्मृति दिवस पर जिलेभर में श्रद्धांजलि और जागरूकता अभियान
सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल, अग्नि सुरक्षा के लिए जागरूक समाज थीम के साथ सप्ताह भर कार्यक्रम शुरू

उरई(जालौन) 14 अप्रैल 1944 को बॉम्बे डाकयार्ड में हुए भीषण अग्निकांड में अपने प्राणों की आहुति देने वाले 66 वीर अग्निशमन कर्मियों की स्मृति में जनपद में अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग द्वारा 14 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ किया गया, जिसके अंतर्गत जनपदभर में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।अग्निशमन केन्द्र उरई सहित कोंच, माधौगढ़, कालपी एवं जालौन में शोक परेड आयोजित कर शहीद अग्निशमन कर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरविन्द कुमार सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों एवं कर्मियों ने मौन रखकर वीर जवानों के त्याग और साहस को स्मरण किया। इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी एवं अग्निशमन अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारियों को पिन फ्लैग लगाकर अग्नि सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया। साथ ही प्रचार-प्रसार सामग्री भेंट कर सभी को अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों से अवगत कराया गया।अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग द्वारा वाहनों को पुलिस अधीक्षक द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली के माध्यम से शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के संदेशों का व्यापक प्रसार किया गया। अग्निशमन वाहनों पर आकर्षक होर्डिंग लगाकर आमजन को आग से बचाव, प्राथमिक उपायों एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया के बारे में जागरूक किया गया। इसी क्रम में तहसील स्तर पर भी प्रभारी अग्निशमन अधिकारियों द्वारा विभिन्न अधिकारियों को पिन फ्लैग लगाकर अभियान से जोड़ा गया तथा रैलियों के माध्यम से पम्पलेट वितरित कर लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें, आवश्यक सावधानियों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल अग्निशमन विभाग की सहायता लें, ताकि जन-धन की हानि को रोका जा सके।



