उरई

जिलाधिकारी ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में सुधार के लिए दिए कड़े निर्देश

 

सत्येन्द्र सिंह राजावत
उरई(जालौन)। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरसीएच और एचएमआईएस पोर्टल पर लंबित डेटा को वर्क प्लान के अनुसार नियमित रूप से अपडेट किया जाए, ताकि वास्तविक प्रगति का सही आकलन हो सके। एचआरपी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने छिरिया, कदौरा, बाबई और उरई अर्बन क्षेत्र के बघौरा तुफैलपुरवा में चिन्हीकरण प्रगति अत्यंत कम पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में आगामी माह के लक्ष्य के सापेक्ष ही नहीं, बल्कि राज्य औसत से भी अधिक प्रगति सुनिश्चित की जाए। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में डकोर, पिण्डारी, नदीगांव, माधौगढ़, छिरिया, बाबई और कदौरा ब्लॉकों की भौतिक प्रगति सबसे कम पाई गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अधिक से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को प्रसव इकाई के रूप में विकसित किया जाए तथा ब्लॉक नोडल अधिकारी, एसीएमओ एवं एमओआईसी सतत समन्वय बनाए रखकर प्रगति में तत्काल सुधार करें। जिलाधिकारी ने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण और परिवार कल्याण कार्यक्रमों की धीमी प्रगति लगाई फटकार। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी डॉक्टर अपने ओपीडी प्रदर्शन और लैब परीक्षणों की प्रगति रिपोर्ट में सुधार सुनिश्चित करें।एफबीएनसी पोर्टल के अंतर्गत एनआरसी कार्यक्रम की स्थिति अत्यंत धीमी पाई गई। वेड ऑक्यूपेंसी दर मात्र 27 प्रतिशत दर्ज की गई, जो लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी ब्लॉकों से प्रत्येक माह न्यूनतम 25 अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित कर जिला चिकित्सालय स्थित एनआरसी में भर्ती कराया जाए। साथ ही कोंच, कालपी, जालौन, माधौगढ़, जिला महिला चिकित्सालय एवं पुरुष चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञों को ओपीडी में प्रतिमाह न्यूनतम 10 बच्चों को चिन्हित कर एनआरसी में भेजने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएँ जनसामान्य के जीवन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। सभी अधिकारी अपने-अपने ब्लॉक में समयबद्ध एवं लक्ष्य आधारित कार्यवाही सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र भिटौरिया, सीएमएस आनंद उपाध्याय, आदि सिहित सम्बंधित चिकित्सक व अधिकारी मौजूद रहे।

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