
बबलू सेंगर महिया खास
जालौन। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरीपुरा में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में कुल 55 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवा वितरित की गई। सरकार का उद्देश्य इस तरह के मेलों के माध्यम से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और बीमारियों का समय से पता लगाकर उनका उपचार सुनिश्चित करना है।
प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को गांव और मोहल्लों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है ताकि आमजन को आसानी से उपचार मिल सके और उन्हें बड़े अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन, स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की स्थिति उतनी सुदृढ़ नहीं दिखती है। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरीपुरा में इन्वर्टर करीब एक माह से खराब पड़ा है, जिसके चलते बिजली गुल होने पर मरीजों और अस्पताल स्टाफ को उमस भरी गर्मी में बिना पंखे के ही बैठना पड़ा। यह स्थिति खासतौर पर बुजुर्ग और महिला मरीजों के लिए असुविधाजनक रही। स्वास्थ्य मेले में एक एलोपेथिक चिकित्सक व एक आयुष चिकित्सक को तैनात किया जाता हैं। जिसमें चिकित्सक डॉ. सम्राट सिंह मौजूद रहे, जबकि आयुष चिकित्सक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इसके कारण मरीजों को अपेक्षित परामर्श और चिकित्सा सुविधा पूरी तरह नहीं मिल सकी। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 15 मरीजों की शुगर, बीपी, सिफलिस और एचआईवी की जांच अस्पताल में ही की गई। लेकिन अस्पताल में लैब टेक्नीशियन न होने के चलते चार मरीजों की सीबीसी जांच नहीं हो सकी। इन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराने की सलाह दी गई। अस्पताल में नोडल अधिकारी डॉ. केडी गुप्ता पहुंचे जहां उन्होंने स्वास्थ्य मेले में आए रोगियों से जानकारी ली और निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। उधर, छिरिया सलेमपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. राजीव गुप्ता की उपस्थिति में स्वास्थ्य मेले का आयेाजन किया गया। जिसमें 44 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवा वितरित की गई। इस मौके पर फॉर्मासिस्ट रूबी, एएनएम उमा, अर्चना और कन्हैया मौजूद रहे।