सत्येन्द्र सिंह राजावत
उरई (जालौन)। आयुक्त झांसी मंडल झांसी अजय शंकर पांडेय ने बताया कि बुन्देलखण्ड अपनी विभिन्न कलाओं के लिए विख्यात है। झांसी मण्डल के तीनों जनपद में भी इन कलाओं के कलाकार विद्यमान हैं। वर्तमान समय में विजुअल मनोरंजन के साधन होने के कारण संरक्षण के अभाव में सदियों से चली आ रही लोक परम्परा विलुप्त होने के कगार पर है। साथ ही इन कलाओं पर आधारित कलाकारों की आजीविका भी संकट के दौर से गुजर रही है। अतएव कला एवं कलाकारों के संरक्षण की महती आवश्यकता है। इसके लिए प्रशासन स्तर से इनके संरक्षण एवं संवर्धन की पहल किया जाना प्रभावी होगा। इस प्रकार की एक पहल अधोहस्ताक्षरी द्वारा झांसी जनपद में की जा रही है, जिसके सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। इस कार्य हेतु ग्राम, तहसील, एवं जिला स्तर पर परम्परागत चली आ रही संगीत कला, नृत्य कला एवं चित्रकला के कलाकारों की जानकारी एकत्रित कर संलग्न विवरण के अनुसार सूचीबद्ध करने की नितांत आवश्यकता है। इस कार्य से कलाकारों की वर्तमान स्थिति एवं उनके आमदनी का श्रोत आदि की जानकारी प्राप्त हो सकेंगी, जिससे उनके विकास हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा सके।



