नदीगाँव खंड के ग्राम नावली मे हुआ हिन्दू सम्मेलन
जातिवाद के भेदभाव को भुलाकर हिन्दू करे समरस समाज की संकल्पना-गौतम जी

हम सभी करे प्राकृतिक संसाधनों का उचित प्रयोग-धर्मेन्द्र जी
नदीगाँव खंड के नावली मे जय माँ सिंह वाहिनी पैलेश नावली मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर सकल हिंदू समाज के सहयोग से हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ सम्मेलन की अध्यक्षता पूज्य श्री शंकरदास जी महाराज (करनखेड़ा मंदिऱ) ने की एवं पाथेय श्रीमान गौतम त्रिपाठी जी(जिला कार्यवाह) का एवं पंच परिवर्तन विषय पर श्रीमान धर्मेन्द्र चौहान जी(जिला सद्भावना प्रमुख) ने प्रकाश डाला
अपने उद्बोधन मे गौतम जी ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने कभी समाज को जाति भेद रंग रुप मे नहीं बांटा सर्व हिंदू समाज सदैव संगठित होकर रहता था, जब आक्रांता आरे तब उन्होंने हम सभी बांटने का कार्य किया और हम पर अधिपत्य जमाया आज पुनः हिन्दू समाज आपसी मतभेद भुलाकर संगठित हिंदू समर्थ भारत के भाव के साथ पुन: संगठित होने का प्रयास कर रहा है ।
पंच परिवर्तन पर सद्भावना प्रमुख धर्मेन्द्र जी ने कहा हमे अपने पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाना है देश के संसाधनों का उचित प्रयोग करना है विश्व के अंदर सर्वाधिक कृषि योग्य भूमि कहीं है तो वह हमारे देश के पास है इसीलिये भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है हमें अपने खेतों मे अत्यधिक पेस्टीसाइट के उपयोग से बचना है ,जिससे खेतों की उर्वराशक्ति बनी रहे अनावश्यक रुप से वृक्षों को वृक्षो को काटना नहीं राष्ट्रहित मे पर्यावरण की सुरक्षा सदैव करनी है।
कार्यक्रम के अंत में पूज्य शंकर दास जी महाराज का आशीर्वचन सभी को प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम मे श्री ब्रजेश जी(खंड विस्तारक) श्री मान सिंह जी (खंड कार्यवाह) एवं समाजसेवी श्री वीर सिंह जी मातृशक्ति मांडवी शर्मा जी सहित नावली मंडल के बंधु बांधव उपस्थित रहे।।



