कोंच (जालौन)। ब्लॉक परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दौरान बुधवार को कथा व्यास शिवशंकरानंद सरस्वती ने श्रोताओं को भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की कथा का संगीतमय रसपान कराते हुए कहा कि गोवर्द्धन पूजा वस्तुतः प्रकृति की पूजा है। भगवान कृष्ण ने ब्रजवासियों से गोवर्द्धन पर्वत की पूजा करा कर इंद्र का घमंड चूर चूर कर दिया। इस लीला के माध्यम से परमात्मा ने उस प्रकृति से प्रेम करने का भी संदेश दिया जो मनुष्य को जीवन भर कुछ न कुछ देती ही रहती है। श्रोतागणों ने कथा का रसपान के मध्य संगीतमय भजनों पर भक्तिभाव में आनंदित होते हुए जमकर नृत्य किया। अंत में कथा परीक्षित परमाल सिंह ने भागवत जी की आरती उतारी, प्रसाद वितरित किया गया।
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