दिव्यांगजनों को मिले कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
सेवा पखवाड़ा के तहत 20 कृत्रिम अंग सहित 122 सहायक उपकरणों का निःशुल्क वितरण, लाभार्थियों के चेहरों पर दिखी खुशी

उरई सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट परिसर में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के प्रतिनिधि अरविंद चौहान, जिलाधिकारी समीर एवं मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में नगर क्षेत्र उरई तथा विकासखंड डकोर, जालौन एवं कोंच के दिव्यांगजनों को कुल 20 कृत्रिम अंग (बनावटी हाथ एवं पैर) तथा 122 सहायक उपकरण निःशुल्क वितरित किए गए। इनमें 15 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 35 ट्राइसाइकिल, 07 व्हीलचेयर, 20 जोड़ी बैसाखी, 05 कान की मशीन, 25 स्मार्ट केन एवं 15 वॉकिंग स्टिक शामिल हैं। उपकरण पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न अंग हैं। उन्हें सम्मान, समान अवसर और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना हम सभी का दायित्व है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक गतिविधियों में समान भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराना है। कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिलाधिकारी समीर ने कहा कि जनपद के प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पात्र दिव्यांगजनों को चिह्नित कर योजनाओं से लाभान्वित किया जाए तथा उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण समावेशी विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। प्रशासन एवं समाज के समन्वित प्रयासों से उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवनयापन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी नीरज कुमार ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं लाभार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



