सखी वन स्टॉप सेंटर का मुख्य विकास अधिकारी तथा परियोजना निदेशक द्वारा किया गया औचक निरीक्षण

Dec 21, 2023 - 17:56
Dec 21, 2023 - 17:57
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सखी वन स्टॉप सेंटर का मुख्य विकास अधिकारी तथा परियोजना निदेशक द्वारा किया गया औचक निरीक्षण

सत्येन्द्र सिंह राजावत

उरई (जालौन)। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का मुख्य विकास अधिकारी भीमजी उपाध्याय तथा परियोजना निदेशक डॉक्टर शिवाकांत द्विवेदी द्वारा किया गया आकस्मिक निरीक्षण। निरीक्षण के समय जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन, केंद्र प्रबंधक अंजना यादव मौजूद रहे । मुख्य विकास अधिकारी ने केंद्र प्रबंधक को निर्देशित किया कि केंद्र पर आवासित पीड़िताओं को बेहतर काउंसलिंग के साथ पुनर्वासन कराना सुनिश्चित करें ।प्रकरण को गंभीरता से सुने तथा इन्हें जिस प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो उपलब्ध कराये। निरीक्षण के समय दो पीड़िताएं आवासित पाई गयी जिसमें एक पीड़िता 164 के बयान के लिए संबंधित न्यायालय जा रही थी तथा दूसरी पीड़िता मेडिकल हेतु जिला चिकित्सालय महिला कांस्टेबल के साथ जा रही थी। मुख्य विकास अधिकारी ने पीड़िताओं के रहने हेतु आवासीय सुविधा का जायजा लिया साथ ही उनके खान-पान के बारे में जानकारी प्राप्त की । तत्पश्चाप सचिव जिला विधि सेवा प्राधिकरण माननीय न्यायाधीश महेंद्र कुमार रावत द्वारा केंद्र का निरीक्षण किया गया तथा केंद्र पर उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए। इसके बाद वन स्टॉप सेंटर के सभागार में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें जनपद के विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के अध्यक्ष व सदस्य गणों द्वारा प्रतिभाग लेकर उक्त योजना व समिति के कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की गई ।साथ ही जनपद स्तर पर गठित दहेज प्रतिषेध अधिनियम के लिए समिति की भी बैठक की गई। जिसमें जनपद में वर्तमान में कितने दहेज प्रतिषेध से संबंधित प्रकरण आए उस पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के बारे में अवगत कराते हुए जिला प्रोवेशन अधिकारी ने कहा कि जनपद के समस्त विभागों में जहां दस से अधिक कार्मिक काम कर रहे हैं उन विभागों में आंतरिक परिवाद समिति का गठन कर लिया गया है तथा इसकी नियमित सूचनाएं प्राप्त की जा रही है तथा आंतरिक परिवाद समिति को भी निर्देशित किया गया है कि कोई भी प्रकरण समिति के समक्ष आता है तो 90 दिन के अंदर उसका निस्तारण करना सुनिश्चित करें ।यदि कोई भी विभाग आंतरिक परिवार समिति का गठन नहीं करता है तो उसके कार्यालयाध्यक्ष पर ₹50000 का जुर्माना लगाया जाएगा तथा इसकी नियमित बैठक करना अनिवार्य है। आज के कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में अधिवक्ता बृजराज रिक्षारा तथा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सतीश चंद्र महिला कल्याण विभाग द्वारा गठित आंतरिक परिवाद समिति की अध्यक्षा गरिमा पाठक व सदस्य जूली खातून रागिनी और रिचा द्वारा प्रतिभाग किया गया तथा समिति में आए प्रकरणों की समीक्षा की गई। आज के कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य एस के चौधरी विनीता बाथम राजपाल तथा महिला कल्याण विभाग की ओर से संरक्षण अधिकारी जूली खातून अलकमा अख्तर वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक अंजना सर्वेश नीतू बाल संरक्षण सेवाओं से रचना वीर सिंह सुरेश आदर्श जितेंद्र हर्षित तथा महिला कल्याण विभाग के समस्त उपस्थित रहे।

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